
चंबा। स्थानीय कालेज परिसर की समस्त गतिविधियों पर चौबीस घंटे नजर रखने वाले सीसीटीवी कैमरे ऐन मौके पर खराब हो गए हैं। चुनावों के दौरान कालेज में स्थापित सीसीटीवी कैमरे की भूमिका को अहम माना जा रहा था। केंद्रीय छात्र संघ चुनाव की तिथि नजदीक आते ही तीसरी आंख का पहरा कालेज से पूरी तरह हट गया है। स्थानीय कालेज में तीन संगठनों में रोचक टक्कर देखने को मिलती है। चुनाव के गर्म माहौल में मारपीट की छिटपुट घटनाएं स्थानीय कालेज में बीते वर्षों में हुई हैं।
इस बार किसी लड़ाई-झगड़े के दौरान सीसीटीवी कैमरे अहम रोल अदा कर सकते थे मगर हजारों रुपये खर्च कर कालेज परिसर में लगाए गए तीनों कैमरों ने कार्य करना बंद कर दिया है। कालेज प्रशासन ने कैमरे स्थापित करने वाली कंपनी को कैमरे ठीक करने की सूचना दे दी है। अभी तक कंपनी का कोई कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने नहीं पहुंचा है। तीसरी आंख के जरिए कालेज परिसर की आंतरिक गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से शरारती तत्व काफी खुश दिख रहे हैं। वहीं कालेज परिसर में आउटसाइडर भी बेखौफ घूम रहे हैं। इससे शरारती तत्वों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है।
कालेज प्रशासन ने इसी वर्ष हजारों रुपये खर्च कर तीन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे और इन कैमरों को उन स्थानों पर लगाया गया है जहां से पूरे कालेज परिसर की गतिविधियां कंप्यूटर में कैद हो सके। कैमरे स्थापित होने से कालेज परिसर में हुड़दंग मचाने वालों पर काफी हद तक लगाम लगी थी।
स्थानीय कालेज की कार्यकारी प्राचार्य मंजुला शर्मा ने बताया कि कैमरे खराब होने की सूचना कंपनी को दे दी गई है। कंपनी को जल्द कैमरे ठीक करने की बात कही गई है। सीसीटीवी कैमरे जल्द ठीक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर व्यवस्था प्रदान करने के लिए कालेज प्रशासन प्रयासरत है।
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गेट कीपर छुट्टी पर, आउटसाइडरों की मौज
सोमवार को गेटकीपर के जरूरी कार्य से छुट्टी पर होने से काफी संख्या में आउटसाइडर कालेज परिसर में दिखे। इसमें ज्यादातर छात्र संगठनों के पूर्व छात्र नेता थे और वे पूरा दिन कैंपस में अपने संगठन के लिए छात्रों से बातचीत करते देखे गए। नियम के मुताबिक बिना कार्य के कालेज गेट के अंदर कोई नहीं आ सकता है। चुनाव के दिनों में तो यह बिल्कुल सही नहीं है।
